Hindi Hot Story : दीपाली की कुवारीं चूत का उद्घाटन

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मेरा नाम सोनू है आज मैं आपको मेरी और दीपाली की चुदाई की कहानी बताउंगा। दोस्तों दीपाली को मैंने तब चोदा था  जब वो बारहवीं में थी।  उसको सब शिखा कहकर बुलाते थे। वह क्लास में सबसे ज्यादा माल थी। जो भी उसको देखता उसका मन चोदने को होता था। लेकिन मैंने उसे चोदकर ही छोडा।  उसके बूब्स बडे बडे थे। जब वो चलती थी तो एकदम गांड हिलाकर चलती थी। वो दिखने में एकदम गोरी है। मैं क्लास में उसे लाइन देता था और वो भी मुझे लाइन देती थी। मैं जब भी उसे देखता तो चोदने का मन करता।

मेरी और उसकी काफी अच्छी दोस्ती थी।  मैं उसे क्लास में कई बार छेडता था वो सिर्फ हंसती थी।  मैंने कई बार उसके बूब दबाए और किस भी किया था लेकिन कभी चोदने का मौका नहीं मिला था। मैं उसे अपने नोट्स दिया करता था। वो मुझे पसंद करती थी।  मैनें उसे अपने घर पर बुलाकर चोदा था।  बारहवीं क्लास में मैंने एक दिन उसे प्रपोज किया। वो मान गई। मुझे सब सिगनल मिल गया था।

मन कर रहा था कि तभी चोदूं  लेकिन स्कूल में हिम्मत नहीं हुई इसलिए उसे घर बुलाकर चोदा। एक दिन मैंने उसे घर बुलाया और उसे चाय पिलाई। उसके बाद मैंने उसे किस किया तो उसने भी मुझे किस किया। मैंने  स्पष्ट कह दिया की शिखा  अपनी चूत दोगी चोदने के लिए तो उसने चेहरा झुका लिया। मैं उसका इशारा समझ गया था। मैं उसके बूब दबाने लगा।  फिर मैंने उसे जोर से चुम्मा दिया।

फिर मैंने उसके कपडे उतार दिए। और उसे जोर जोर से दबाने लगा। मैं भी अपने कपडे उतारने लगा। फिर हम दोनों नंगे हो गए। फिर मैंने उसके मुंह में लंड दिया और उसकी चूत चाटने लगा। उसकी चूत एकदम नंगी थी। एक भी बाल नहीं था। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |

फिर मैंने उसे गोदी में उठाया और हम दोनों एक दूसरे को चुम्मा देने लगे। मैं उसके बूब जोर से मसल रहा था। फिर मैंने उसे बाहों में जकड लिया। अब हम दोनों की उत्तेजना चरम पर थी। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा। वो नीचे थी और मैं ऊपर मैंने धीरे से लंड उसकी चूत में धकेला  और धीरे धीरे पेलना लगा। धीरे धीरे मेरा सात इंच का मोटा लंड उसकी चूत को चोदने लगा ।

उसे शायद दर्द हो रहा था तो वो बोली धीरे करो लेकिन मैं कहां रुकने वाला था। मैं स्पीड बढाता गया। वो बोली उई मां मररर गई। मैं बोला मेरी जान अभी तो शुरुआत है। फिर मैं उसे जोर जोर से चोद रहा था। फच्च फच्च करके। वो भी मजे ले रही थी।

मैं उसे पागलों की तरह चोदता गया। वो भी मेरा साथ पूरा दे रही थी। पहली बार चुदने से उसे भी मजा आ गया मैंने उसकी चूत की सील तोड दी थी। वो बोली कि अब मैं तुझसे ही चुदवाउंगी मेरे राजा। फिर हम दोनों साथ में नहाए फिर हमने कपडे पहने और वो अपने घर चली गई इस तरह मैंने एक कच्ची कली को चोदा।

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